1100 मिमी बारिश से डूबा गुजरात, चार जिले पानी-पानी; 1200 लोगों को सुरक्षित निकाला, रेड अलर्ट जारी
अहमदाबाद: गुजरात में मानसून ने भीषण रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में दक्षिण, उत्तर और मध्य गुजरात में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। वलसाड, नवसारी, सूरत और तापी के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। तापी जिले में एक व्यक्ति की मौत की भी सूचना है। राहत एवं बचाव अभियान के तहत अब तक करीब 1200 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि हजारों अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
वलसाड जिले की उमरगांव तहसील में महज 16 घंटे के भीतर 1100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। भारी जलभराव के कारण वलसाड में पार्किंग में खड़ी करीब 50 कारें पानी में डूब गईं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर हालात की समीक्षा की और प्रभावित जिलों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। कई जिलों के स्कूल और कॉलेजों में अगले दो दिनों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है।
16 घंटे की बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में वलसाड में 1100 मिमी और सूरत की विभिन्न तहसीलों में 600 मिमी तक वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते आरंगा, पार और दमण नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
11 जिलों में रेड अलर्ट, अगले 24 घंटे बेहद अहम
मौसम विभाग ने वलसाड, नवसारी, डांग, सूरत और तापी समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण गुजरात के 11 जिलों—दाहोद, पंचमहाल, वडोदरा, छोटा उदेपुर, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी, डांग, नवसारी और वलसाड—के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
गुरुवार सुबह छह बजे से शाम चार बजे के बीच नवसारी के खेरगाम में 407 मिमी और सूरत के उमरपाड़ा में 381 मिमी वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है।

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ मैदान में, बस से 35 यात्रियों को बचाया गया
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गांधीनगर स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। वहीं कुछ मंत्रियों को प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए भेजा गया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी दक्षिण गुजरात पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं।
नवसारी और वलसाड में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और सेना की टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। वलसाड में बाढ़ के पानी में फंसी एक बस से 35 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। नवसारी जिले में जूज और केलिया बांध भी ओवरफ्लो हो गए हैं। प्रभारी मंत्री कनुभाई देसाई ने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
महाराष्ट्र के पालघर में भी भारी बारिश का असर
गुजरात से सटे महाराष्ट्र के पालघर जिले में भी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि करीब 900 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। भारी बारिश के चलते लगभग दो लाख लोग बिजली आपूर्ति बाधित होने से प्रभावित हुए हैं। जिले के कई निचले इलाके जलमग्न हैं। भारतीय मौसम विभाग ने पालघर के लिए भी रेड अलर्ट जारी करते हुए 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं नासिक जिले में गोदावरी समेत अन्य नदियां भी लगातार बारिश के कारण उफान पर हैं।
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