August 4, 2026

‘वांगचुक ने तोड़ा 26 दिन का अनशन, लेकिन खत्म नहीं होगा आंदोलन’; CJP ने साफ किया आगे का पूरा प्लान

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नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अपनी प्रमुख मांगें पूरी होने तक संगठन का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

अनशन खत्म, लेकिन धरना रहेगा जारी
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह राहत की बात है, लेकिन आंदोलन अपने निर्धारित उद्देश्य तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर संगठन का शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक चलता रहेगा, जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।

उन्होंने कहा कि संगठन लगातार छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है और आगे भी अपनी मांगों पर कायम रहेगा।

28 जून से शुरू किया था अनिश्चितकालीन अनशन
सीजेपी ने 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था। संगठन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है, जिसे नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा पेपर लीक के मुद्दे से जोड़ा गया है।

इसके बाद 28 जून को सोनम वांगचुक आंदोलन में शामिल हुए और उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। 26 दिनों तक चले इस अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उनका वजन भी कम हो गया था। चिकित्सकीय निगरानी के बीच उन्होंने मेदांता अस्पताल में अपना उपवास समाप्त किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

सरकार से बातचीत पर CJP ने जताई संतुष्टि
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने संगठन की इस मांग को स्वीकार कर लिया है कि वार्ता किसी तटस्थ स्थान पर हो। उन्होंने बताया कि इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है और जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि संगठन सरकार के सामने अपनी सभी मांगें मजबूती से रखेगा।

चार प्रमुख मांगों पर अडिग संगठन
सीजेपी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तटस्थ स्थान पर मिलने को तैयार हुई है, लेकिन संगठन अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने बताया कि पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। दूसरी मांग कथित पेपर लीक प्रकरण से जुड़े मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी वापस लेने की है। संगठन अन्य लंबित मांगों को भी वार्ता में सरकार के सामने रखेगा।

 

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