एम्स रायबरेली में प्रो. डॉ. अमिता जैन का एक साल पूरा, चिकित्सा सेवाओं से लेकर अकादमिक विकास तक कई क्षेत्रों में विस्तार
रायबरेली: प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने 22 सितंबर 2025 को एम्स रायबरेली के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर संस्थान में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, रोगी-केंद्रित सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, अकादमिक गतिविधियों, प्रशिक्षण और संस्थागत विकास के क्षेत्र में हुई प्रगति सामने आई है।
सुपर-स्पेशियलिटी और नई चिकित्सा सेवाओं का विस्तार

पिछले एक वर्ष के दौरान एम्स रायबरेली में विभिन्न विभागों की सेवाओं को और मजबूत किया गया। सुपर-स्पेशियलिटी और विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करते हुए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, पेन मेडिसीन, टीबी वार्ड, एंडोस्कोपी, ब्रोंकोस्कोपी, पल्मोनरी मेडिसीन और यलो फीवर टीकाकरण जैसी नई सेवाएं शुरू की गईं। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और उन्नत उपचार पद्धतियों को अपनाने के साथ कार्यशालाओं एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया।
ई-संजीवनी और टेली-मानस से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के तहत ई-संजीवनी और टेली-मानस जैसी पहलों को आगे बढ़ाया गया। इसके जरिए दूरस्थ स्वास्थ्य सेवाओं और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
एमबीबीएस से पीएचडी तक अकादमिक गतिविधियों का विस्तार
अकादमिक क्षेत्र में एमबीबीएस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, स्नातकोत्तर, सुपर-स्पेशियलिटी और पीएचडी कार्यक्रमों को सुदृढ़ किया गया। विद्यार्थियों और चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा कौशल विकास के अवसरों का भी विस्तार हुआ। संस्थान के प्रथम दीक्षांत समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव ने 48 एमबीबीएस और 25 स्नातकोत्तर छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं।
रोबोटिक हैंड्स-ऑन समेत कई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
रोबोटिक हैंड्स-ऑन, अनुसंधान विधियों, भीष्म क्यूब, इलेक्ट्रोमायोग्राफी, ट्रॉमा सर्जरी सहित विभिन्न विषयों पर कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों को संस्थान की शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
NABL और NABH मान्यता के बाद गुणवत्ता सुधार पर जोर

संस्थान में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और मानकीकरण को भी प्राथमिकता दी गई। NABL और NABH इंट्री लेवल मान्यता प्राप्त करने के बाद रोगी सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए। इसके साथ ही संस्थान के बुनियादी ढांचे के विकास पर भी ध्यान दिया गया।
कैंपस में पार्किंग, स्वच्छता और कर्मचारी सुविधाओं का विकास
रोगियों और तीमारदारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैंपस में पार्किंग, स्वच्छता, हरित क्षेत्र और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम किया गया। आवास और कर्मचारी कल्याण से जुड़ी सुविधाओं में जिम, क्वार्टर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और छात्रावास के विकास एवं सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
कई गणमान्य लोगों ने किया संस्थान का दौरा
कार्यकारी निदेशक के एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय सहित कई गणमान्य लोगों का एम्स रायबरेली में आगमन हुआ।
रोगी-केंद्रित सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान पर लगातार काम: डॉ. अमिता जैन
कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने कहा कि एम्स रायबरेली रोगी-केंद्रित सेवाओं, चिकित्सा उत्कृष्टता, अकादमिक प्रगति, डिजिटल स्वास्थ्य और गुणवत्ता सुधार के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाओं के साथ शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले विद्यार्थी राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति अर्जित करें।
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