August 4, 2026

’26 दिन भूखा रहा, अब क्या कैरेक्टर सर्टिफिकेट भी दूं?’ सीक्रेट डील के आरोपों पर फूटा सोनम वांगचुक का गुस्सा, अस्पताल से जारी किया VIDEO

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नई दिल्ली: 26 दिन के अनशन के बाद भूख हड़ताल समाप्त करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने उन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें उन पर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद कथित सीक्रेट डील करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने सवाल उठाया कि क्या अब उन्हें यह भी साबित करना होगा कि उनका अनशन कितना पवित्र था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें किसी तरह का समझौता ही करना होता तो 26 दिनों तक भूखे रहने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

अनशन खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर उठे सवाल

गुरुवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके फैसले पर सवाल उठाए और केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में अनशन समाप्त करने को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां कीं। इन आरोपों के जवाब में वांगचुक ने शुक्रवार देर रात एक नया वीडियो जारी किया।

‘क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा?’

वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि वह यह संदेश दुख, हैरानी और गुस्से के साथ रिकॉर्ड कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने भाइयों, बहनों और छात्रों के लिए 26 दिन तक भूखे रहने के दौरान उनका 11 किलो वजन कम हो गया, मांसपेशियां कमजोर हो गईं और शरीर के अंगों व दिमाग पर स्थायी नुकसान का खतरा पैदा हो गया। उन्होंने कहा कि लद्दाख की ठंड से निकलकर दिल्ली की भीषण गर्मी में सड़क किनारे बैठकर अनशन करने के बाद अब उनसे पूछा जा रहा है कि उनका अनशन कितना पवित्र था, उन्होंने किसके हाथों अनशन तोड़ा और क्यों तोड़ा। वांगचुक ने सवाल किया कि क्या उन्हें अब इन सभी बातों का जवाब देना होगा।

सीक्रेट डील के आरोपों पर दिया जवाब

वीडियो में सोनम वांगचुक ने पर्दे के पीछे किसी तरह की डील या सौदेबाजी के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें किसी तरह का समझौता ही करना होता तो इसके लिए 26 दिन तक अपनी जान जोखिम में डालकर भूखे रहने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि जो लोग डील की बात कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि ऐसे समझौते सड़क किनारे तपती गर्मी में बैठकर नहीं, बल्कि आरामदायक कमरों में किए जाते हैं।

छात्रों के मुद्दे को बताया प्राथमिकता

सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो में यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोर देने के बजाय छात्रों की सुरक्षा और उनके हितों को प्राथमिकता दी। उनका कहना था कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के भविष्य की रक्षा करना था और उसी दिशा में उन्होंने अपना निर्णय लिया।

 

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