June 13, 2026

चार साल का इंतजार खत्म: उत्तर प्रदेश को मिला स्थायी डीजीपी, राजीव कृष्णा संभालेंगे पुलिस की कमान

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस को करीब चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्णा को राज्य का नया स्थायी डीजीपी नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से उनकी नियुक्ति का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। अब तक वह कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।

राजीव कृष्णा जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी का दायित्व संभाल रहे थे। उनकी नियुक्ति का आदेश अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद द्वारा जारी किया गया। विशेष बात यह है कि डीजीपी की जिम्मेदारी के साथ-साथ उनके पास निदेशक सतर्कता अधिष्ठान का अतिरिक्त प्रभार भी बना रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी अंतिम मंजूरी

स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत वरिष्ठ अधिकारियों का पैनल तैयार किया था। इस पैनल में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी पियूष आनंद और 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्णा के नाम शामिल थे।

संघ लोक सेवा आयोग से प्राप्त पैनल पर शासन स्तर पर विस्तृत मंथन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजीव कृष्णा के नाम को अंतिम स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस का स्थायी प्रमुख नियुक्त कर दिया गया।

मुकुल गोयल के हटने के बाद पहली स्थायी नियुक्ति

उत्तर प्रदेश सरकार ने मई 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को उनके पद से हटा दिया था। इसके बाद से राज्य में लगातार कार्यवाहक डीजीपी व्यवस्था के तहत पुलिस विभाग संचालित होता रहा। इस दौरान डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार और बाद में राजीव कृष्णा कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी निभाते रहे।

लोकसभा चुनाव 2024 भी कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ था। 31 मई 2025 को उनके सेवानिवृत्त होने के बाद राजीव कृष्णा को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था। अब उन्हें स्थायी रूप से इस पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

2027 विधानसभा चुनाव में भी निभाएंगे अहम भूमिका

राजीव कृष्णा की सेवानिवृत्ति 30 जून 2029 को प्रस्तावित है। ऐसे में वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर रहेगी।

इंजीनियरिंग से आईपीएस तक का सफर

गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के मूल निवासी राजीव कृष्णा का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए।

15 सितंबर 1991 को आईपीएस सेवा में शामिल हुए राजीव कृष्णा 21 अक्टूबर 1993 को सेवा में पुष्टि प्राप्त करने के बाद लगातार विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते रहे। उन्हें अक्टूबर 1995 में सीनियर स्केल मिला, जबकि अगस्त 2005 में वह चयन ग्रेड में पहुंचे।

इसके बाद अगस्त 2007 में पुलिस उपमहानिरीक्षक, नवंबर 2010 में पुलिस महानिरीक्षक, जनवरी 2016 में अपर पुलिस महानिदेशक और फरवरी 2024 में पुलिस महानिदेशक पद पर पदोन्नति प्राप्त हुई।

अनुभव और प्रशासनिक क्षमता पर जताया गया भरोसा

राजीव कृष्णा को उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुभवी और प्रशासनिक दृष्टि से सक्षम अधिकारियों में गिना जाता है। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। यही वजह रही कि शासन और मुख्यमंत्री ने उन पर भरोसा जताते हुए प्रदेश की सबसे बड़ी पुलिस जिम्मेदारी सौंपी है।

उनकी नियुक्ति के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस को चार वर्षों बाद स्थायी नेतृत्व मिल गया है, जिससे पुलिस प्रशासन में निर्णय लेने की प्रक्रिया और अधिक स्थिर एवं प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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