August 5, 2026

घाघरा ने पार किया खतरे का निशान, अवध के कई जिलों पर मंडराया बाढ़ का संकट; 32 गांवों तक पहुंचा पानी, बारिश-बिजली से तीन की मौत

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लखनऊ: पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। अवध क्षेत्र में घाघरा नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ का खतरा तेजी से गहरा गया है। वहीं शारदा और राप्ती नदियां भी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं। कई तटीय इलाकों में लोगों के बीच दहशत का माहौल है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

घाघरा का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता
बाराबंकी में घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.110 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से चार सेंटीमीटर ऊपर है। इससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका और बढ़ गई है।

गोंडा में भी घाघरा नदी खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नवाबगंज क्षेत्र में तेज कटान के चलते कई संरचनाएं नदी में समा गई हैं। हर साल रामसनेही घाट, रामनगर और सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के 119 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इस बार अब तक 32 गांवों में पानी पहुंच चुका है, जिसके बाद कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।

शारदा और राप्ती भी चेतावनी स्तर के करीब
लखीमपुर खीरी में बनबसा बैराज से शारदा नदी का जलस्तर घटकर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। वहीं श्रावस्ती में राप्ती नदी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 126.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 127.70 मीटर है।

सीतापुर में घाघरा (सरयू) और शारदा नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। रामपुर मथुरा क्षेत्र के मिश्रणपुरवा, अंगरौरा और सोतीपुरवा समेत करीब 20 गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है।

बहराइच में भी बढ़ा जलस्तर, प्रशासन सतर्क
बहराइच में एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर गुरुवार को लाल निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में नदी के जलस्तर में 22 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। हालांकि राजस्व विभाग ने फिलहाल तत्काल बाढ़ की स्थिति से इनकार किया है और लगातार निगरानी की बात कही है।

रुहेलखंड और पश्चिमी यूपी में फिलहाल राहत
रुहेलखंड के अधिकांश जिलों में नदियों का जलस्तर अभी नियंत्रण में है। पीलीभीत में शारदा, बदायूं में गंगा, शाहजहांपुर में गर्रा और बरेली में रामगंगा खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। अमरोहा और संभल में भी गंगा नदी का जलस्तर सुरक्षित स्तर पर है, हालांकि स्थानीय बारिश के कारण इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

फर्रुखाबाद में गंगा नदी चेतावनी बिंदु 136 मीटर के करीब पहुंच गई है। नरौरा बांध से 55 हजार क्यूसेक और हरिद्वार से 70 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। कानपुर में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 32 सेंटीमीटर बढ़ा है, जबकि बांदा में यमुना और केन नदी फिलहाल सामान्य स्थिति में हैं।

बारिश और बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत
बुंदेलखंड क्षेत्र में तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने भी कहर बरपाया है। ललितपुर में मूसलाधार बारिश के दौरान कच्चा मकान ढहने से एक वृद्ध महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई। हमीरपुर में खेत में काम कर रहे एक मजदूर की बिजली गिरने से जान चली गई, जबकि खेत मालिक सहित दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं इटावा में धान की रोपाई कर रही एक बालिका की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।

 

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