June 29, 2026

43 की उम्र में बनीं 3 बच्चों की मां, फराह खान ने सुनाया मदरहुड का सफर; बोलीं- बेबी वेट घटाने में लग गए 5 साल

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मुंबई: फिल्म निर्माता, कोरियोग्राफर और लोकप्रिय यूट्यूबर फराह खान ने अपने मदरहुड के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि 43 साल की उम्र में उन्होंने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया था। हाल ही में एक चैट शो में पहुंचीं फराह ने मातृत्व, परिवार और पति शिरीष कुंदर के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे होने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई।

बेबी वेट कम करने में लगे 4 से 5 साल

फराह खान ने कहा कि उन्हें तब हैरानी होती है जब वह अभिनेत्रियों और अन्य सेलिब्रिटीज़ को बच्चे के जन्म के महज दो महीने बाद ही पहले जैसी फिटनेस में लौटते हुए देखती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना बेबी वेट कम करने में चार से पांच साल का समय लगा। उनके मुताबिक हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है और मातृत्व का सफर भी सभी के लिए अलग होता है।

आईवीएफ के जरिए 43 साल की उम्र में बनीं मां

फराह ने बताया कि उन्होंने 42 वर्ष की उम्र में आईवीएफ प्रक्रिया अपनाई थी और 43 साल की उम्र में तीन बच्चों को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि वह एक बच्चे की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन एक साथ तीन बच्चों के आने की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा आशीर्वाद बताया।

बच्चों के आने के बाद बदल गई पूरी जिंदगी

फराह खान ने कहा कि बच्चों के जन्म के बाद उन्होंने बड़ा घर खरीदा और परिवार की जरूरतों के अनुसार अपनी जिंदगी को नया रूप दिया। उन्होंने कहा कि उनके तीनों बच्चे उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं और उनके आने के बाद परिवार की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल गईं।

पति शिरीष कुंदर की जमकर की तारीफ

अपने पति शिरीष कुंदर के बारे में बात करते हुए फराह ने कहा कि अब उनका बेटा और शिरीष लगभग एक ही कद के हो गए हैं, इसलिए कई बार रात में उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो जाता है कि कमरे में कौन आया है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर शिरीष बच्चों के साथ कहीं चले जाएं तो घर का वाई-फाई ठीक करने वाला भी कोई नहीं रहेगा।

‘बच्चों की सफलता का पूरा श्रेय शिरीष को जाता है’

फराह ने कहा कि समय के साथ उन्होंने शिरीष को सिर्फ पति के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार पिता और पूरे परिवार की देखभाल करने वाले व्यक्ति के रूप में और अधिक महत्व देना शुरू किया। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे आज जिन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों तक पहुंचे हैं, उसमें सबसे बड़ा योगदान शिरीष का है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उनसे बच्चों की सफलता का राज पूछते हैं, लेकिन उनका जवाब हमेशा यही होता है कि उनके बच्चों के सबसे बड़े काउंसलर उनके पिता हैं।

 

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