एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में दो दिवसीय कोलोप्रोक्टोलाॅजी कांफ्रेंस 12 से
बरेली,10 ,सितम्बर। एसआरएमएस मेडिकल कालेज में दो दिवसीय कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशाप 12 ओर 13 सितंबर को आयोजित की जा रही है। एसोसिएशन ऑफ सर्जन आफ इंडिया के बरेली चैप्टर के सहयोग और एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी विभाग की ओर से आयोजित इस कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशाप में देश के नामचीन सर्जन अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करेंगे। इस दौरान शल्य चिकित्सा के माध्यम से 20 मरीजों का निशुल्क उपचार भी किया जाएगा। ऑपरेशन थिएटर में होने वाली इन शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं का लाइव प्रसारण ऑडिटोरियम और कांफ्रेंस हाल में होगा। जिससे चिकित्सकों, डेलीगेट्स और पीजी विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। पीजी विद्यार्थी पोस्टर प्रेजेंटेशन भी देंगे। यह जानकारी कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशाप के चेयरमैन एवं जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डा.एसके सागर ने दी।
डा. सागर ने कहा कि इंटरनेशनल सोसायटी आफ कोलोप्रोक्टोलॉजी (आईएससीपी) विश्वस्तरीय शल्य चिकित्सकों की संस्था है। यह संस्था शल्य चिकित्सकों को गुदा और बड़ी आंत से संबंधित रोगों के उपचार की अत्याधुनिक तकनीकों और रिसर्च की जानकारी देती है। इसी कड़ी में एसोसिएशन आफ सर्जन आफ इंडिया के बरेली चैप्टर के सहयोग और एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी विभाग की ओर से दो दिवसीय कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशाप 12 और 13 सितंबर को आयोजन की जा रही है। इसमें देश के 40 नामचीन विशेषज्ञ सर्जन गुदा और बड़ी आंत से संबंधित रोगों के उपचार की आधुनिक पद्धतियों की जानकारी साझा करने के साथ ही लाइव आपरेटिव वर्कशाप में शामिल होने बरेली पहुंच रहे हैं। कांफ्रेंस में विश्व स्तरीय अत्याधुनिक तकनीक रोबोटिक सर्जरी के मूल्यांकन, व्यावहारिक उपयोग की भी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही गुदा रोग संबंधित बीमारियों से पीड़ित 20 मरीजों का शल्य चिकित्सा के माध्यम से उपचार भी किया जाएगा। एनएमसी के नियमानुसार ओटी कॉम्प्लेक्स में हो रही शल्य प्रक्रियाओं का सीधा प्रसारण ऑडिटोरियम और कांफ्रेंस हाल में बैठे चिकित्सक, डेलीगेट्स और पीजी विद्यार्थी को प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। इसके लिए 275 से ज्यादा डेलीगेट्स और पीजी स्टूडेंट ने रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। डा.सागर ने कहा कि कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशाप में बरेली के वरिष्ठ सर्जन डा.आईएस तोमर को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट दिया जाएगा। इसके साथ ही बरेली के ही वरिष्ठ आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सक डा.लालता प्रसाद को भी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा। कांफ्रेंस में फैलोशिप के लिए 120 लोगों को नामांकित किया गया है।
कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशाप के सेक्रेटरी एवं एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया के बरेली चैप्टर के ट्रेजरार डा.अमित सिंह ने कहा कि बरेली और रुहेलखंड क्षेत्र में पहली बार कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस आयोजित हो रही है। जिसका मुख्य ध्येय विश्वस्तरीय विशेषज्ञ शल्य चिकित्सकों द्वारा रुहेलखंड और आसपास के क्षेत्र के शल्य चिकित्सकों को पाइल्स, भगंदर, नासूर और कब्जियत संबंधित होने वाले अन्य विकारों के अत्याधुनिक उपचार से रूबरू कराना है, जिसका फायदा बरेली और रूहेलखंड के मरीजों को मिल सके। कांफ्रेंस में चिकित्सकों को पाइल्स, फिशर, फिस्टुला और पाइलोनाइडल साइनस जैसे गुदा रोगों के उपचार में लेजर विधि से ऑपरेशन में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए इंटरनेशनल सोसायटी आफ कोलोप्रोक्टोलॉजी (आईएससीपी) के प्रेसिडेंट डा.एलडी लाडुकर (इंदौर), सेक्रेटरी डा. नीरज गोयल (दिल्ली), पूर्व प्रेसिडेंट डा.प्रशांत रहाटे (नागपुर), ज्वाइंट सेक्रेटरी डा.मधुकर पाई (कोच्चि), ट्रेजरार डा.जितेन चौधरी (मुंबई), डा.कल्याण कार (कोलकता) और डा.हरीश गौड़ा (बेंगलुरु) विशेष रूप से बरेली पहुंच रहे हैं।


एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डा.एमएस बुटोला ने कहा कि मरीजों के उपचार और मेडिकल शिक्षा दोनों में एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज का विशिष्ट स्थान है। यही वजह है कि पिछले नौ वर्षों से इंडिया टुडे के सर्वेक्षण में एसआरएमएस टॉप 40 में अपना स्थान बनाए हुए है। इंडिया टुडे ने वर्ष 2026 के अपने सर्वेक्षण में देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज को 38वां स्थान दिया। इसी तरह पत्रिका आउटलुक ने अपने सर्वे में देश के निजी मेडिकल कॉलेजों में 11वां स्थान देने के साथ ही उ.प्र. में बेस्ट मल्टी सुपरस्पेशियलिटी हास्पिटल में एसआरएमएस को दूसरे पायदान पर रखा। आउटलुक के सर्वे में ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज को 14वां, ओंकोलॉजी में 17वां और कार्डियोलॉजी में 21वीं रैंक दी गई। मैगजीन द वीक ने नार्थ जोन के निजी मेडिकल कालेज की सूची में एसआरएमएस को चौथी रैंक प्रदान की। पत्रिका द वीक ने देश के निजी मेडिकल कॉलेजों में एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज को 23वां स्थान देते हुए देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की लिस्ट में एसआरएमएस को 40वां स्थान पर रखा है। डा.बुटोला ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में हो रही अत्याधुनिक रिसर्च और विश्वस्तरीय उपकरणों का फायदा मरीजों को मिल सके इस बात का भी एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में खास ध्यान रखा जाता है। इसलिए यहां कांफ्रेंस, सीएमई और वर्कशॉप पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस वर्ष यहां अब तक डेढ़ दर्जन से ज्यादा सीएमई और वर्कशॉप का आयोजन हो चुका है। बरेली और आसपास के चिकित्सकों के साथ ही विद्यार्थियों को तो इसका फायदा मिलता ही है अंततः मरीजों के उपचार में इसका ज्यादा लाभ मिलता है। इसी कड़ी में दो दिवसीय कोलोप्रोक्टोलाजी की कांफ्रेंस आयोजित हो रही है। 12 और 13 सितंबर 2026 को एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में होने वाली इस कांफ्रेंस में देश के नामचीन सर्जन व्याख्यान देने के साथ ही शल्य चिकित्सा प्रक्रिया के जरिये भी जानकारी देंगे। एसोसिएशन आफ सर्जन आफ इंडिया के बरेली चैप्टर अध्यक्ष डा.कौशल कुमार ने कहा कि कांफ्रेंस ने एडवांस तकनीकि की जानकारी दी जाएगी। ज्यादा ज्यादा शल्य चिकित्सकों को प्रशिक्षित करना है। एसोसिएशन आफ सर्जन आफ इंडिया के बरेली चैप्टर सेक्रेटरी डा.सुजॉय मुखर्जी ने कहा कि एसआरएमएस में हो रही इस कांफ्रेंस और वर्कशॉप से फायदा मरीजों को मिलेगा। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
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