September 24, 2026

गोंडा के एलबीएस कॉलेज में शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा, जल्द तैयार होगी ‘ब्लू ग्रीन एलगी’ लैब; कृषि भूमि की उर्वरता बढ़ाने पर जोर

गोंडा: श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के साथ शैक्षिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर जितेंद्र सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में शोध और नवाचार को बढ़ावा देना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में वनस्पति विज्ञान विभाग में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश से स्वीकृत और अनुदानित मेजर प्रोजेक्ट के तहत वैज्ञानिक प्रशिक्षण कराया गया।

प्रोजेक्ट एबायोटिक फीचर्स ऑफ मेजर लेंटिक वाटर बॉडीज ऑफ गोंडा विद रेफरेंस टू सायनोबैक्टीरिया (ब्लू ग्रीन एलगी) इन प्रोडक्टिव एग्रीकल्चर के तहत प्रधान अन्वेषक डॉ. रेखा शर्मा, शोध सहायक अमित दुबे और मायाराम यादव को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो (एनबीएआईएम), मऊ में वैज्ञानिक प्रशिक्षण के लिए भेजा गया।

नील हरित शैवाल की पहचान और संवर्धन का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. रेखा शर्मा ने एनबीएआईएम, मऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हिलोल चकदार से मुलाकात की। उन्होंने विभिन्न नील हरित शैवाल की पहचान, पृथक्करण और संवर्धन से जुड़ा वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कल्चर लैब का भ्रमण भी किया और परियोजना से संबंधित वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की जानकारी हासिल की।

डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से महाविद्यालय के मेजर प्रोजेक्ट को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जल्द ही ब्लू ग्रीन एलगी लैब तैयार की जाएगी। इसके बाद गोंडा जनपद के विभिन्न जलाशयों से प्राप्त नील हरित शैवाल के नमूनों की जांच की जाएगी और उन्हें प्रयोगशाला में संवर्धित किया जाएगा।

रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करना प्रोजेक्ट का उद्देश्य

इस मेजर प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करना और नील हरित शैवाल की मदद से कृषि भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ाना है। इसके साथ ही कृषि योग्य भूमि को टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

डॉ. रेखा शर्मा ने कहा कि प्रयास है कि शोध को प्रयोगशाला तक सीमित न रखते हुए उसे कृषि भूमि तक पहुंचाया जाए, ताकि शोध के परिणामों का व्यावहारिक लाभ कृषि क्षेत्र को मिल सके।

प्राचार्य और सहयोगियों के प्रति जताया आभार

डॉ. रेखा शर्मा ने मेजर प्रोजेक्ट के सुचारू संचालन में सहयोग के लिए महाविद्यालय प्रबंध तंत्र की उपाध्यक्ष वर्षा सिंह, सचिव उमेश शाह, प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर जितेंद्र सिंह, विभागीय सहयोगी डॉ. संजय कुमार, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, ड्रिंकल यादव और मायाराम यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

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