मॉडल श्रद्धा दुबे की पार्टियों से ब्लैकमेलिंग तक की कहानी? पूर्व ड्राइवर ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे
लखनऊ: कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। श्रद्धा की एसयूवी चलाने वाले एक पूर्व ड्राइवर ने दावा किया है कि उसने सात दिन तक उसके साथ काम किया और इस दौरान उसके व्यवहार के अलग-अलग रूप देखे। ड्राइवर के मुताबिक, श्रद्धा कभी राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ दिखाई देती थी तो कभी रसूखदार और नामचीन लोगों के साथ घूमती थी। रात में क्लबों और बार में पार्टी करना भी उसकी दिनचर्या का हिस्सा था। हालांकि, ड्राइवर की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सात दिन में नौकरी छोड़ी, मेहनताना मांगने पर धमकी का आरोप
पूर्व ड्राइवर के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले उसने एक परिचित के जरिए श्रद्धा की गाड़ी चलाने का काम शुरू किया था। लेकिन उसके व्यवहार से परेशान होकर उसने सात दिन के भीतर ही नौकरी छोड़ दी। ड्राइवर का दावा है कि काम छोड़ने के बाद जब उसने अपने 1,800 रुपये के मेहनताने की मांग की तो उसे जान से मरवाने की धमकी दी गई। उसने बताया कि श्रद्धा कई रसूखदार लोगों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाती थी। कथित धमकी के बाद उसने अपने रुपये भी छोड़ दिए।

करीबी बढ़ाकर निजी तस्वीरों से ब्लैकमेल करने का दावा
ड्राइवर ने आरोप लगाया कि श्रद्धा देर रात तक क्लबों और बार में रहती थी। कई बार वह आधी रात के बाद फ्लैट लौटती थी, जबकि कुछ मौकों पर वापस नहीं आती थी। उसके मुताबिक, श्रद्धा लोगों की आर्थिक हैसियत और उनके रहन-सहन को देखकर उनसे नजदीकियां बढ़ाती थी।
पूर्व चालक ने दावा किया कि नजदीकी बढ़ने के बाद वह संबंधित लोगों की निजी जानकारियां और तस्वीरें जुटाकर उन्हें कथित तौर पर ब्लैकमेल करती थी। ड्राइवर के अनुसार, वह पुलिस में शिकायत कराने और प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का हवाला देकर जेल भिजवाने की धमकी भी देती थी।
उसने यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धा कभी अपनी मजबूरियां बताकर रसूखदार लोगों के सामने भावुक हो जाती थी और बाद में कथित तौर पर उनसे रुपये मांगती थी। ड्राइवर का दावा है कि प्रभावशाली लोगों से संपर्क का इस्तेमाल वह सरकारी विभागों में अपना काम कराने के लिए भी करती थी। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच या पुलिस के आधिकारिक बयान से नहीं हुई है।
पार्लर में मेकअप के बाद भुगतान नहीं करने का आरोप
पूर्व ड्राइवर के मुताबिक, श्रद्धा महंगे पार्लर में मेकअप कराने जाती थी। उसने आरोप लगाया कि काम पूरा होने के बाद पार्लर संचालक भुगतान मांगते तो श्रद्धा फोन पर किसी अन्य व्यक्ति से बात करा देती थी और बिना रुपये दिए वहां से चली जाती थी। चालक ने यह भी दावा किया कि गाड़ी में डीजल भरवाने का भुगतान भी कई बार कोई दूसरा व्यक्ति ऑनलाइन करता था।
श्रद्धा के फ्लैट पर सहारनपुर कोर्ट का नोटिस चस्पा
इस बीच, श्रद्धा दुबे के लखनऊ स्थित बालू अड्डा वाले फ्लैट पर रविवार दोपहर सहारनपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय की ओर से जारी नोटिस चस्पा किया गया। अदालत ने श्रद्धा को अपना पक्ष रखने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है।

यह मामला साइबर ठगी से जुड़ा है। वर्ष 2024 में सहारनपुर के डॉक्टर प्रभात वर्मा ने आयुष्मान योजना के बकाया भुगतान के नाम पर कथित तौर पर 90.59 लाख रुपये की ठगी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में श्रद्धा के करीबी दोस्त बताए जाने वाले अंकित जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
अदालत में श्रद्धा के नाम पर पंजीकृत एक लग्जरी कार को मुक्त कराने के लिए अर्जी दी गई थी। इसी सिलसिले में कोर्ट ने श्रद्धा को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। पुलिस ने यह नोटिस उसके फ्लैट पर चस्पा किया। दूसरी ओर, कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार श्रद्धा के फ्लैट को हजरतगंज पुलिस पहले ही सील कर चुकी है।
90.59 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़ी है कार
पुलिस जांच के मुताबिक, वर्ष 2024 में सहारनपुर में आयुष्मान योजना के बकाया भुगतान के नाम पर डॉक्टर से करीब 90.59 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने लखनऊ के अंकित जायसवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, अंकित ने कथित तौर पर ठगी की रकम से स्कोडा कार खरीदी थी और उसे श्रद्धा दुबे के नाम पर पंजीकृत कराया था। दिल्ली के पंजीकरण नंबर वाली इस कार को साइबर अपराध थाना पुलिस ने जब्त कर लिया था। तब से वाहन पुलिस की हिरासत में है। अब कार को रिलीज कराने की अर्जी पर अदालत ने श्रद्धा को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है।
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