September 24, 2026

रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मीडिया लैब को मिलेगी नई पहचान, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मीडिया सेंटर

बरेली,06 सितम्बर। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक मीडिया लैब और मीडिया सेंटर को अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधनों और व्यावहारिक प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस करने की योजना बनाई जा रही है। नवनियुक्त कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने मीडिया सेंटर का निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों, स्टूडियो और प्रयोगशाला की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कुलपति ने अधिकारियों और शिक्षकों से विद्यार्थियों को तकनीक आधारित प्रशिक्षण देने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता शिक्षा अब केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। विद्यार्थियों को आधुनिक उपकरणों और वास्तविक प्रोडक्शन वातावरण में प्रशिक्षण देना आवश्यक है।

प्रस्तावित योजना के तहत मीडिया सेंटर में आधुनिक कैमरा सिस्टम, डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग और एडिटिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यार्थियों को वीडियो और न्यूज प्रोडक्शन, कैमरा संचालन, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक्स, ऑडियो प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे कक्षा में पढ़ाए गए सिद्धांतों को स्टूडियो और प्रोडक्शन गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए आधुनिक पॉडकास्ट स्टूडियो बनाने की भी योजना है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाले माइक्रोफोन, ऑडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम और डिजिटल प्रोडक्शन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विद्यार्थी यहां पॉडकास्ट, साक्षात्कार, संवाद और अन्य ऑडियो कार्यक्रम तैयार कर सकेंगे।

मीडिया सेंटर में मल्टीमीडिया प्रशिक्षण पर भी जोर रहेगा। वीडियो, ऑडियो, फोटोग्राफी, ग्राफिक्स, सोशल मीडिया कंटेंट, मोबाइल जर्नलिज्म और डिजिटल स्टोरीटेलिंग को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया जाएगा। मीडिया विशेषज्ञों की कार्यशालाओं और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को न्यूज रूम से लेकर डिजिटल कंटेंट स्टूडियो तक की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा।

कुलपति की पहल का उद्देश्य पत्रकारिता शिक्षा को प्रयोगात्मक, रोजगारोन्मुख और इंडस्ट्री-रेडी बनाना है। विद्यार्थियों को समाचार लेखन और रिपोर्टिंग के साथ कैमरा, संपादन, ऑडियो-वीडियो प्रोडक्शन, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी बहुआयामी दक्षताएं हासिल होंगी। इससे रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन मीडिया सेंटर को शोध और नवाचार के लिए भी उपयोगी बनाने की योजना पर काम कर रहा है। डिजिटल पत्रकारिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फैक्ट-चेकिंग जैसे क्षेत्रों में प्रयोगात्मक कार्यों के लिए सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। योजना लागू होने पर यह केंद्र रुहेलखंड क्षेत्र में पत्रकारिता शिक्षा को नई पहचान देने के साथ विश्वविद्यालय और मीडिया उद्योग के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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