September 23, 2026

एम्स रायबरेली के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने मनाया चौथा स्थापना दिवस, 15 से बढ़कर रोजाना 300 मरीजों तक पहुंची ओपीडी

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रायबरेली: एम्स रायबरेली के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने 2 सितंबर 2026 को अपना चौथा स्थापना दिवस मनाया। वर्ष 2022 में लेबर रूम में सेवाएं शुरू होने के बाद से विभाग ने चार वर्षों का सफर पूरा किया है। स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान के नेतृत्व, विशेषज्ञ फैकल्टी, सीनियर-जूनियर रेजिडेंट्स, नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभाग की उपलब्धियों को याद किया और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान में उत्कृष्टता की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रो. अमिता जैन ने विभाग को चार वर्ष की समर्पित सेवा पूरी करने पर बधाई दी। उन्होंने विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए फैकल्टी और पूरी टीम को महिलाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली और व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने क्लिनिकल देखभाल, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में और बेहतर काम करने पर भी जोर दिया।

विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण व्याख्यान

कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए। एम्स नई दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर प्रो. जे. बी. शर्मा ने ‘जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस’ विषय पर जानकारी साझा की। वहीं केजीएमयू लखनऊ के क्वीन मैरी हॉस्पिटल की पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. उमा सिंह ने ‘सर्वाइकल इंट्रा-एपिथेलियल नियोप्लासिया के मैनेजमेंट’ पर व्याख्यान दिया।

लखनऊ की गायनेकोलॉजिस्ट एवं आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. आंचल गर्ग और एचआईएमएस, अटारिया के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉ. रिचा राठौरिया ने भी अपने-अपने विषयों पर उपयोगी जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान सीनियर रेजिडेंट्स, जूनियर रेजिडेंट्स और नर्सिंग अधिकारियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, पेशेवर उत्कृष्टता, समर्पण तथा मरीजों की देखभाल और विभागीय गतिविधियों में योगदान के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

चार साल में तेजी से बढ़ा मरीजों का भरोसा

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख प्रो. पारुल सिन्हा ने विभाग की चार वर्षों की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शुरुआत में विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 15 मरीज आते थे, जबकि अब रोजाना करीब 300 मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं। मरीजों की संख्या में यह बढ़ोतरी एम्स रायबरेली की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

इन चार वर्षों के दौरान विभाग ने अपनी क्लिनिकल सेवाओं का व्यापक विस्तार किया है। हाई-रिस्क प्रेगनेंसी यानी जोखिम भरी गर्भावस्था, जटिल प्रसूति मामलों, उन्नत स्त्री रोग संबंधी प्रक्रियाओं और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के प्रबंधन में विभाग ने विशेषज्ञता विकसित की है।

इसके साथ ही विभाग महिलाओं को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं देने के साथ स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा, शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान के क्षेत्र में भी लगातार योगदान दे रहा है।

पूरी टीम के समन्वित प्रयासों से मिली सफलता

विभाग की इस प्रगति का श्रेय प्रो. पारुल सिन्हा के नेतृत्व में फैकल्टी सदस्यों डॉ. वंदना वर्मा, डॉ. बनश्री नाथ, डॉ. अपला प्रियदर्शिनी, डॉ. स्नेहलता मीना और डॉ. कृष्णा सिंह के समर्पित और समन्वित प्रयासों को दिया गया।

एम्स रायबरेली का प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग आने वाले समय में अपनी क्लिनिकल सेवाओं, शैक्षणिक कार्यक्रमों और अनुसंधान गतिविधियों को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। विभाग का लक्ष्य महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में खुद को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करना और मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य के परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देना है।

कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

स्थापना दिवस कार्यक्रम में एम्स रायबरेली के सभी डीन के साथ अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह और वित्तीय सलाहकार कर्नल उपेंद्र नाथ राय समेत संस्थान के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

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