July 9, 2026

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा एक्शन, पर्सनल असिस्टेंट सस्पेंड, हाई-लेवल जांच समिति गठित

badrinath-temple-scam_V_jpg--1280x720-4g

देहरादून: बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप करेंगे। वहीं, समानांतर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने चेयरमैन कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।

प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के आरोप, पहले जारी हुआ था कारण बताओ नोटिस

मंदिर समिति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रमोद नौटियाल पर पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद 3 जुलाई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उनके खिलाफ निलंबन और प्राथमिकी की कार्रवाई की गई है।

गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप करेंगे जांच की अगुवाई

सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति में गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक कार्यालय में निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। समिति को आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या संबंधित व्यक्ति से सहयोग और विशेषज्ञ राय लेने का अधिकार भी दिया गया है।

दान प्रबंधन प्रणाली की होगी व्यापक समीक्षा

जांच समिति केवल कथित अनियमितताओं की जांच ही नहीं करेगी, बल्कि मंदिर की दान प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव भी देगी। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित अनियमितताएं कब से चल रही थीं और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बढ़ी कार्रवाई

मंदिर समिति के अनुसार, 2 जुलाई 2026 से सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के दौरान प्रमोद नौटियाल को चढ़ावे की गिनती के समय अपने मोबाइल फोन के साथ कुछ वस्तुएं अपने कब्जे में रखते हुए देखा गया, जिसे निर्धारित प्रक्रिया से अलग माना गया। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड होने के बाद उनसे इस संबंध में जवाब मांगा गया है। उन्हें यह स्पष्ट करने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है कि उन्होंने अपने पास क्या रखा था। इसी आधार पर आगे की पूछताछ और जांच की कार्रवाई की जाएगी।

 

......................................................................................................... --------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र