माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में अतिवृष्ट के कारण समस्त जनपदों में बेहतर व्यवस्थाएं कराये अधिकारीगण
गोण्डा, 27 सितम्बर 2026। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में देवीपाटन मण्डल के जनपद गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर एवं श्रावस्ती में अतिवृष्टि के दृष्टिगत मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने चारों जनपदों के जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुई क्षति का तत्काल स्थलीय सर्वे एवं आकलन कराया जाए। राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर फसल क्षति का वास्तविक आकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन के प्रावधानों के अनुसार पात्र किसानों को समय से राहत उपलब्ध कराई जा सके।

अतिवृष्टि के दृष्टिगत समस्त उपजिलाधिकारियों के माध्यम से प्रभावित फसलों के आकलन हेतु सर्वे कराया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय सत्यापन करते हुए फसल क्षति का निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन सुनिश्चित करें।
अतिवृष्टि से उत्पन्न दैवीय आपदा से जनपद गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती मैं प्रभावित बिजली आपूर्ति बेहतर व्यवस्था सुचारू रूप से संचालन करने के निर्देश एवं फसल क्षति का सर्वे कराकर। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि जनहानि एवं अन्य क्षति से संबंधित प्रकरणों में स्थलीय सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए तथा पात्र प्रभावित परिवारों को शासन के नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने चारों जनपदों में निचले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों के किनारे बसे गांवों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारी एवं कर्मचारी क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर स्थिति पर लगातार नजर रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारम्भ करें।
*जनहानि की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता*

मण्डलायुक्त ने कहा कि जनहानि की रोकथाम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलभराव एवं अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जर्जर भवनों एवं अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक सावधानी बरती जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि बाढ़ चौकियों एवं कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा जाए तथा प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए। राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, पंचायती राज, विद्युत एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मण्डलायुक्त ने प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, आवश्यक दवाएं एवं अन्य जरूरी राहत सामग्री समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने आमजन से अपील की कि अतिवृष्टि के दौरान नदी-नालों, तेज बहाव वाले पानी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
मण्डलायुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आमजन की सुरक्षा, जनहानि की रोकथाम, फसल क्षति का समयबद्ध आकलन तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समस्त जिलाधिकारीगण अपने-अपने जनपदों में विशेष निगरानी रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से कराये।
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