30 से 80 वर्ष की आयु तक—आयुर्वेदिक शोधन एवं रसायन चिकित्सा से स्वास्थ्य संरक्षण
Lucknow: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में होने वाले प्राकृतिक बदलावों के कारण उचित स्वास्थ्य देखभाल और आयुर्वेदिक मार्गदर्शन महत्वपूर्ण हो जाता है। 30, 40, 50, 60, 70 या 80 वर्ष की आयु में अपनी प्रकृति, आयु और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही देखभाल के लिए योग्य आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लें।
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित खान-पान और प्रदूषण के कारण उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। आयुर्वेद में व्यक्ति की प्रकृति और अवस्था के अनुसार शोधन, पंचकर्म एवं रसायन चिकित्सा को स्वास्थ्य संरक्षण के महत्वपूर्ण उपायों में माना गया है।

आयुर्वेद में वर्णित रसायन, जड़ी-बूटियों एवं शास्त्रोक्त औषधियों का प्रयोग व्यक्ति की प्रकृति, आयु और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में किया जाना चाहिए। स्वर्ण, हीरक, मोती आदि भस्म जैसी औषधियों का सेवन भी केवल चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक परीक्षण के बाद ही किया जाना चाहिए।
40+ वर्षों से आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य संरक्षण के क्षेत्र में सेवा
तमाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित विख्यात वैद्य डॉ. देवेश कुमार श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, आयुष (आयुर्वेद) विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, पिछले 40 से अधिक वर्षों से आयुर्वेद, पंचकर्म, योग एवं समग्र स्वास्थ्य पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता और स्वास्थ्य संरक्षण के लिए कार्यरत हैं।
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश के लोगों तक आयुर्वेद का संदेश पहुंचाने वाले डॉ. देवेश कुमार श्रीवास्तव ऑनलाइन, ऑफलाइन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से भी परामर्श प्रदान कर रहे हैं।

आवश्यकता और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार औषधियां रोगियों के घर तक पार्सल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती हैं।
परामर्श एवं संपर्क
📞 9935377666
📞 9115311185
📞 9115311186
तुरंत निःशुल्क सलाह के लिए कॉल बैक करें: 9935377666
आयुर्वेद अपनाइए, अपनी प्रकृति एवं आयु के अनुसार उचित स्वास्थ्य देखभाल कीजिए और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाइए।
---------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------

