लोकसभा में गरजे अखिलेश यादव! स्पीकर ओम बिरला से पूछा- ‘समझौता कर लिया आपने क्या?’, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
लखनऊ: नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद के मानसून सत्र में जारी हंगामे के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने अध्यक्ष ओम बिरला से सवाल किया, “समझौता कर लिया आपने क्या?” वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ कथित बहस की खबरों पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी।
नीट मुद्दे पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में केवल चर्चा पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार स्वयं परीक्षा में गड़बड़ी स्वीकार कर चुकी है और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला भी इसी का प्रमाण है। ऐसे में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उचित मांग है।
जब उनसे संसद में उनकी नाराजगी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने के लिए गुस्सा होना भी जरूरी होता है।
केसी वेणुगोपाल से विवाद की खबरों पर दी सफाई
संसद में छात्रों के आंदोलन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। इसी बीच अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच कथित तू-तू-मैं-मैं की खबरें सामने आईं।
मीडिया से बातचीत के दौरान इस संबंध में पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है और विपक्षी दलों के बीच फ्लोर को-ऑर्डिनेशन फिर से सामान्य हो जाएगा।

लोकसभा में अध्यक्ष से पूछा- ‘समझौता कर लिया आपने क्या?’
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष नीट पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर लगातार विरोध दर्ज करा रहा था। समाजवादी पार्टी के सांसद भी अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन अध्यक्ष ने पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और उसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को बोलने का अवसर दिया।
इसी पर नाराजगी जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अब क्या बोलें, आपने पहले उन्हें बोलने का मौका दिया। इसके बाद उन्होंने अध्यक्ष ओम बिरला से कहा, “समझौता कर लिया आपने क्या?”
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम सपा
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की स्पष्ट मांग है कि सबसे पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, उसके बाद आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हो। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोबारा परीक्षा कराकर खुद स्वीकार किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई थी। इसलिए जवाबदेही तय होना जरूरी है और छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले दिन से इस मुद्दे को उठा रहा है और आगे भी छात्रों के हित में अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
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