May 21, 2026

मायावती के आवास पहुंचे कांग्रेस के दलित नेता, तनुज पुनिया समेत कई नेताओं को पार्टी ने भेजा कारण बताओ नोटिस

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के लखनऊ स्थित आवास पर कांग्रेस के कई दलित नेताओं का बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और बिना आधिकारिक अनुमति के पहुंचना अब सियासी विवाद का विषय बन गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है और वहां पहुंचे नेताओं से स्पष्टीकरण तलब किया है। खास बात यह रही कि यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी रायबरेली दौरे पर मौजूद थे। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मायावती से मुलाकात नहीं कर सका।

सूत्रों के मुताबिक, मायावती के आवास पहुंचे नेताओं में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष व सांसद तनुज पुनिया प्रमुख रूप से शामिल थे। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ, जब कुछ ही घंटे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने संकेत दिया था कि कांग्रेस और सपा का गठबंधन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगा।

सांसद तनुज पुनिया ने बुधवार को इस दौरे को लेकर सफाई देते हुए कहा कि यह केवल एक “सद्भावना और शिष्टाचार भेंट” थी। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम लखनऊ में अनुसूचित जाति विभाग की बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अगुवाई राजेंद्र पाल गौतम कर रहे थे। बैठक समाप्त होने के बाद जब सभी नेता मायावती के आवास के सामने से गुजर रहे थे, तब उन्होंने शिष्टाचार मुलाकात का विचार किया।

तनुज पुनिया ने कहा कि मायावती एक वरिष्ठ नेता हैं और उसी समाज से आती हैं, इसलिए उनसे मुलाकात करने का प्रयास किया गया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मायावती से नहीं हो सकी।

उन्होंने उन खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कोई संदेश लेकर मायावती से मिलने पहुंचे थे। पुनिया ने कहा कि वह स्वयं राहुल गांधी के कार्यक्रम में रायबरेली में मौजूद हैं और इस तरह की चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है।

इस पूरे मामले पर कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि यह पार्टी का अधिकृत प्रतिनिधिमंडल नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है और वहां पहुंचे नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पांडे ने यह भी कहा कि कांग्रेस मायावती का सम्मान करती है, लेकिन संबंधित नेता अपनी व्यक्तिगत हैसियत से वहां गए थे।

वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी कहा कि पार्टी की ओर से इस तरह के किसी दौरे की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही तय किए जाते हैं।

उधर, बसपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि उन्हें कांग्रेस नेताओं के मायावती आवास पहुंचने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी मुलाकात या दौरे की सूचना नहीं दी गई थी।

इसी बीच, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि उनकी पार्टी भविष्य के चुनावों में भी अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन की राजनीति में सीटों से ज्यादा जीत महत्वपूर्ण होती है और यही रणनीति आगे भी अपनाई जाएगी। अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा अपने सहयोगियों को राजनीतिक रूप से मजबूत करने का काम किया है।

 

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