भारतीय रेल का बड़ा फैसला: जरा सी तकनीकी खराबी भी पड़ी भारी, तुरंत ‘अनफिट’ होंगे ट्रेन कोच और मालगाड़ी के वैगन
प्रयागराज: रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भारतीय रेल ने बड़ा कदम उठाया है। अब यात्री कोच या मालगाड़ी के वैगन में मामूली तकनीकी खराबी भी मिलने पर उसे तुरंत परिचालन से बाहर किया जा सकेगा। रेलवे ने न्यूट्रल कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन यानी एनसीओ को दोबारा बहाल कर दिया है। यह संस्था तकनीकी जांच के बाद किसी भी कोच या वैगन को अनफिट घोषित कर सकेगी।
एनसीओ के फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना पटरी पर नहीं उतरेंगे कोच-वैगन

रेलवे बोर्ड ने एनसीओ को तत्काल प्रभाव से बहाल करते हुए इसे बंद करने के पुराने फैसले को रद्द कर दिया है। अब वर्कशॉप या शेड से मरम्मत के बाद निकलने वाले किसी भी कोच या वैगन को एनसीओ का फिटनेस प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही परिचालन में शामिल किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था के तहत तकनीकी रूप से फिटनेस की जांच को पहले से अधिक सख्त बनाया जाएगा। किसी तरह की कमी पाए जाने पर संबंधित कोच या वैगन को परिचालन से बाहर रखने का फैसला लिया जा सकेगा।
स्वतंत्र संस्था करेगी तकनीकी जांच
एनसीओ को स्थानीय जोनल या मंडल स्तर के दबाव से मुक्त होकर काम करने वाली स्वतंत्र संस्था के तौर पर काम करना है। यह ब्रेक प्रणाली, पहिया-धुरा, सस्पेंशन और कोच की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच करेगी।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरम्मत या रखरखाव के बाद किसी कोच या वैगन को बिना पूरी तकनीकी जांच के परिचालन में न भेजा जाए।
2022 में बंद करने के निर्देश दिए गए थे

रेलवे बोर्ड ने मई 2022 में इंडियन रेलवे कॉन्फ्रेंस एसोसिएशन और एनसीओ को बंद करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, यात्री सुरक्षा और रेल संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे बोर्ड ने व्यवस्था की समीक्षा की और एनसीओ को दोबारा सक्रिय करने का फैसला किया।
रेलवे का मानना है कि स्वतंत्र तकनीकी निगरानी से कोच और वैगन की फिटनेस जांच में निष्पक्षता बढ़ेगी और सुरक्षा मानकों के साथ किसी तरह का समझौता होने की संभावना कम होगी।
मेंटेनेंस को लेकर जोनों के बीच विवाद भी होंगे कम
कार्यकारी निदेशक ईएंडआर रामेश्वर मीणा ने बताया कि रेलवे बोर्ड का मैकेनिकल निदेशालय एनसीओ के पुनर्गठन और उसके प्रशासनिक नियंत्रण की रूपरेखा तैयार कर रहा है।
एनसीओ की स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था लागू होने से अलग-अलग जोन के बीच रखरखाव की गुणवत्ता को लेकर होने वाले विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। इसका लाभ उत्तर मध्य रेलवे समेत देश के सभी रेलवे जोनों में रेल परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को मिल सकता है।
---------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------

