यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 6 राष्ट्रीय सचिवों को बांटे जोन और जिलों के जिम्मे
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। यूपी कांग्रेस के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सोमवार को पार्टी के नवनियुक्त सह प्रभारियों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा कर दिया। छह राष्ट्रीय सचिवों को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब्दुल हन्नान को अवध, कुणाल चौधरी को ब्रज, वरुण चौधरी को प्रयागराज, जगदीश चंद्र जांगिड़ को बुंदेलखंड, अभिषेक दत्त को पूर्वांचल और संजीव आर्य को पश्चिम क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन को जल्द पूरा करने के निर्देश

यूपी कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के लिए दिल्ली में हुई बैठक में पार्टी नेतृत्व ने बचे हुए संगठनात्मक काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में यूपी इकाई को संगठन निर्माण का रुका हुआ काम तेजी से पूरा करने को कहा गया।
जिला स्तर पर संगठन को पांच स्तरों पर तैयार किया जाना है। हालांकि प्रदेश में कई स्थानों पर संगठन के गठन की प्रक्रिया अभी ब्लॉक स्तर से आगे नहीं बढ़ पाई है। शीर्ष नेतृत्व ने सांगठनिक गतिविधियों में तेजी लाने और अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में हाल में नियुक्त किए गए कांग्रेस सचिव भी शामिल हुए, जिन्हें उत्तर प्रदेश में सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इन नेताओं को संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी करने और प्रदेश इकाई के साथ समन्वय स्थापित कर पार्टी को मजबूत करने का दायित्व सौंपा गया है।
किस सह प्रभारी के जिम्मे कौन से जिले
अवध क्षेत्र: सह प्रभारी अब्दुल हन्नान को लखनऊ, उन्नाव, बहराइच, बाराबंकी, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई और रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई है।
पूर्वांचल क्षेत्र: अभिषेक दत्त को 12 जिलों का प्रभार दिया गया है। इनमें सिद्धार्थ नगर, महाराजगंज, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, बलिया, संत कबीर नगर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं।
प्रयागराज क्षेत्र: वरुण चौधरी को 12 जिलों की जिम्मेदारी मिली है। इनमें वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी और सुल्तानपुर शामिल हैं।
बुंदेलखंड क्षेत्र: जगदीश चंद्र जांगिड़ के जिम्मे कानपुर समेत 13 जिले होंगे। इनमें कानपुर, कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया, जालौन, महोबा, झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, हमीरपुर और इटावा शामिल हैं।
ब्रज क्षेत्र: कुणाल चौधरी को मथुरा समेत 13 जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें आगरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कासगंज, अलीगढ़, हाथरस, बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और फर्रुखाबाद शामिल हैं।
पश्चिमी क्षेत्र: संजीव आर्य को 14 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, संभल, मेरठ, बिजनौर, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर और गौतम बुद्ध नगर शामिल हैं।
भाजपा भी संगठनात्मक जिलों में टीम गठन में पीछे

दूसरी ओर, भाजपा भी प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक संगठनात्मक जिलों में अपनी टीम घोषित नहीं कर पाई है। इनमें हाथरस, अंबेडकर नगर, देवरिया, चंदौली और गोरखपुर महानगर समेत अन्य जिले शामिल हैं। जिला टीमों की घोषणा में देरी के चलते नए पदों के लिए सिफारिशों का दौर जारी है और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
कई जगह नए पदाधिकारी अभी नियुक्त नहीं हुए हैं, जबकि मौजूदा पदाधिकारियों को हटाया जाना तय माना जा रहा है। ऐसे में संगठन के काम में भी अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है।
मिशन-2027 के लिए संगठन मजबूत करने में जुटी भाजपा
मिशन-2027 की तैयारियों में जुटी भाजपा अपनी संगठनात्मक इकाइयों को नीचे से ऊपर तक मजबूत करने में लगी है। प्रदेश टीम की घोषणा के बाद अब क्षेत्रीय टीमों और विभिन्न मोर्चों के गठन की प्रक्रिया को गति दी गई है। माना जा रहा है कि अगले 10 दिनों में इस काम को काफी हद तक पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल प्रदेश के आठ से नौ जिले ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां जिलाध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है, लेकिन उनकी टीम का गठन अभी नहीं हुआ है। इसके कारण इन जिलों में पार्टी के अभियान, कार्यक्रम और चुनावी तैयारियां अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही हैं।
98 संगठनात्मक जिलों में बंटी है भाजपा
भाजपा ने पूरे उत्तर प्रदेश को 98 संगठनात्मक जिलों में बांट रखा है। पार्टी ने कई चरणों में इन जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा की थी। कुछ जिलों में अध्यक्षों की घोषणा सबसे बाद में हुई। इनमें वाराणसी जिला, संतकबीर नगर, देवरिया, चंदौली, हाथरस, गोरखपुर महानगर और अंबेडकर नगर समेत कई संगठनात्मक जिले शामिल हैं।
भाजपा अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रदेश स्तर से क्षेत्रों, फिर जिलों और मंडलों के माध्यम से बूथ इकाई तक पहुंचाती है। ऐसे में टीम का गठन नहीं होने से संबंधित जिलों में संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
नई टीम में पद पाने के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रियता
जिला इकाइयों की टीम घोषित नहीं होने के बीच जनप्रतिनिधि अपने पसंदीदा नेताओं को नई टीम में पद दिलाने के लिए लगातार सिफारिश कर रहे हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इन जिला इकाइयों के गठन को लेकर काफी हद तक तैयारी पूरी कर ली गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही शेष जिलों में भी टीमों की घोषणा की जा सकती है।
---------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------

